पहल अगर व घसल बन लत थ त धयन रख जत थ पर अब उनक आन क रसत बद कर दए जत ह 6.डर डलन स आप कय समझत ह? सपषट कजए उततर डर डलन क अरथ ह कछ समय क लए रहन बड़-बड़ इमरत बनन क करण पकषय क घसल बनन क जगह नह मल रह ह व इमरत म ह डर डलन लग ह 7. शख अयज़ क पत अपन बज पर कल चयट रगत दख भजन छड़ कर कय उठ खड़ हए? उततर शख अयज़ क पत जब कए स नहकर लट त कल चयट चढ़ कर आ गय भजन करत वकत उनहन उस दख और भजन छड़कर उठ खड़ हए व पहल उस घर छड़न चहत थ पषठ सखय: 115 (ख)नमनलखत परशन क उततर (50-60 शबद म) लखए 1.बढ़त हई आबद क परयवरण पर कय परभव पड़? उततर बढ़त हई आबद क करण परयवरण असतलत ह गय हआवसय सथल क बढ़न क लए वन, नह,बल, वकत बवकत क बरश。
आवज,टकड उततर चट - चटय घड - घड आवज - आवज बल - बल फज - फज रट - रटय बद - बद (बदओ क) दवर - दवर टकड - टकड 3. नमनलखत वकय म उचत शबद भरकर वकय पर कजए (क) आजकल .................. बहत खरब ह (जमन/जमन) (ख) पर कमर क .................. द (सज/सज) (ग) म दह ............... भल गई (जमन/जमन) (घ) ............. चन त दन (जर/जर) (ङ) दष क ............ द गई (सज/सज) (च) महतम क चहर पर................ थ (तज/तज) उततर (क) आजकल ....जमन...... बहत खरब ह (ख) पर कमर क ....सज...... द (ग) म दह ....जमन... भल गई (घ) ...जर.... चन त दन (ङ) दष क ..सज.... द गई (च) महतम क चहर पर ..तज.. थ अब कह दसर क दख स दख हन वल - पठन समगर और सर पठ 15 - अब कह दसर क दख स दख हन वल अनय परकषपयग परशन और उततर पठ म वपस जए , कसम कतन कन ह, कह बढ़,फज,शत व सहनशकत ह 3.इस बसत न न जन कतन परद-चरद स उनक घर छन लय ह इनम स कछ शहर छड़कर चल गए ह ज नह ज सक ह उनहन यह-वह डर डल लय ह उततर बसतय क फलव स पड़ कटत गए और पकषय क घर छन गए कछ क त जतय ह नषट ह गई कछ पकषय न यह इमरत म डर जम लय 4.शख अयज़ क पत बल, कभ तज़ वरष इन क करण कई बमरय ह रह ह इस तरह परयवरण क असतलन क जन जवन पर गहर परभव पड़ ह 2.लखक क पतन क खड़क म जल कय लगवन पड़? उततर लखक क घर म कबतर न घसल बन लय थ जसम द बचच थ उनक दन खलन क लए कबतर आय जय करत थ。
अधक गरम, सइकलन आद और अनक बमरय ह 4.लखक क म न पर दन रज़ कय रख? उततर लखक क घर एक कबतर क घसल थ जसम द अड थ एक अड बलल न झपट कर तड़ दय,。
दवर, इमरत ह इमरत ह पश-पकषय क रहन क लए सथन नह रह,घड, कह तफन, ख क सभ नशन, यह बत नह ह मन एक घर वल क बघर कर दय ह उस बघर क कए पर उसक घर छड़न ज रह ह इन पकतय म छप हई उनक भवन क सपषट कजए उततर शख अयज़ क पत बल, कस ह पहचन इन पकतय क मधयम स लखक कय कहन चहत ह? सपषट कजए उततर इन पकतय म बतय गय ह क सभ परण एक ह मटट स बन ह और अत म हमर शरर वयकतगत पहचन खकर उस मटट म मल जत ह यह पत नह रहत क उस मटट म कन-कन स मटट मल हई ह यन मनषय म कतन मनषयत ह और कतन पशत यह कस क पत नह हत (ग)नमनलखत क आशय सपषट कजए 1.नचर क सहनशकत क एक सम हत ह नचर क गसस क एक नमन कछ सल पहल बबई म दखन क मल थ उततर परकत क सथ मनषय खलवड़ करत रह ह परनत परकत क भ एक हद तक सहन क शकत हत ह इसक गसस क नमन कछ सल पहल बबई म दखन क मल थ इसन तन जहज क गद क तरह उछल दय थ 2.ज जतन बड़ हत ह उस उतन ह कम गसस आत ह उततर महन तथ बड़ लग म कषम करन क परधनत हत ह कस भ वयकत क महनत करध कर दणड दन म नह हत ह बलक कस क भ गलत क कषम करन ह महन लग क वशषत हत ह समदर महन ह वह मनषय क खलवड़ क सहन करत रह पर हर चज़ क हद हत ह एक समय उसक करध भ वकरल रप म परदरशत हआ वस त महन वयकतय क तरह उसम अथह गहरई,बद, दसर अड बचन क लए म उतरन लग त टट गय इस पर उनह दख हआ म न परयशचत क लए पर दन रज़ रख और नमज़ पढ़कर मफ मगत रह 5.लखक न गवलयर स बबई तक कन बदलव क महसस कय? पठ क आधर पर सपषट कजए उततर लखक पहल गवलयर म रहत थ फर बमबई क वरसव म रहन लग पहल घर बड़-बड़ हत थ, समन तड़करत थ इसस परशन हकर लखक क पतन न मचन क आग घसल सरक दय और वह जललगवन पड़ 3.समदर क गसस क कय वजह थ? उसन अपन गसस कस नकल? उततर कई सल स बलडर समदर क पछ धकल रह थ और उसक ज़मन हथय रह थ समदर समटत ज रह थ उसन पहल टग समट फर उकड बठ फर खड़ ह गय फर भ जगह कम पड़न लग जससवह गसस ह गय उसन गसस नकलन क लएतन जहज फक दए एक वरलक समदर क कनर, अतवषट, पहल सब मलकर रहत थ अब सब अलग-अलग रहत ह, यह बत नह ह मन एक घर वल क बघर कर दय ह उस बघर क कए पर उसक घर छड़न ज रह ह इन पकतय म उनक यह भवन छप हई थ क व पश-पकषय क भवनओ क समझत थ व चट क भ घर पहचन ज रह थ उनक लए मनषय पश-पकष एक समन थ व कस क भ तकलफ नह दन चहत थ भष अधयन 1. उदरण क अनसर नमनलखत वकय म करक चहन क पहचनकर रखकत कजए और उनक नम रकत सथन म लखए; जस (क) म न भजन परस करत (ख) म कस क लए मसबत नह ह ...................... (ग) मन एक घर वल क बघर कर दय ...................... (घ) कबतर परशन म इधर-उधर फडफड रह थ ...................... (ङ) दरय पर जओ त उस सलम कय कर ...................... उततर (क) म न भजन परस करत (ख) म कस क लए मसबत नह ह सपरदन (ग) मन एक घर वल क बघर कर दय करम (घ) कबतर परशन म इधर-उधर फडफड रह थ अधकरण (ङ) दरय पर जओ त उस सलम कय कर अधकरण 2. नचदए गए शबदक बहवचन रपलखए चट,रट, NCERT Solutions for Class 10th: पठ 15- अब कह दसर क दख स दख हन वल सपरश भग-2हद नद फ़जल पषठ सखय: 114 परशन अभयस मखक नमनलखत परशन क उततर एक-द पकतय दजए - 1. बड़-बड़ बलडर समदर क पछ कय धकल रह थ? उततर आबद बढ़न क करण सथन क अभव ह रह थ इसलएबलडर नई-नई इमरत बनन क लए बड़-बड़ बलडर समदर क पछ धकल रह थ 2. लखक क घर कस शहर म थ? उततर लखक क घर गवलयर शहरम थ 3.जवन कस घर म समटन लग ह? उततर एकल परवर क चलन हन क करण जवन डबब जस फलट म समटन लग ह 4.कबतर परशन म इधर-उधर कय फड़फड़ रह थ? उततर कबतर क घसल म द अड थ एक बलल न तड़ दय थ दसर बलल स बचन क चककर म म स टट गय कबतर इसस परशन हकर इधर-उधर फड़फड़ रह थ लखत (क)नमनलखत परशन क उततर (25-30 शबद म) लखए - 1.अरब म लशकर क नह क नम स कय यद करत ह? उततर अरब म लशकर क नह क नम स इसलए यद करत ह कयक व हमश दसर क दख म दख रहत थनह क पगमबर य ईशवर क दत भ कह गय ह उनक मन म करण हत थ 2.लखक क म कस समय पड़ क पतत तड़न क लए मन करत थ और कय? उततर लखक क म दन छपन य सरज ढलन क बद पड़ क पतत तड़न क लए मन करत थ कयक उस समयव रत ह, दलन आगन हत थ अब डबब जस घर हत ह。
जगल यह तक क समदरसथल क भ छट कय ज रह ह पशपकषय क लए सथन नह ह इन सब करण स परकतक क सतलन बगड़ गय ह और परकतक आपदए बढ़त ज रह ह कह भकप。
कभ गरम, रत म फल तड़न पर व शरप दत ह 3.परकत म आए असतलन क कय परणम हआ? उततर परकत म आए असतलन क परणमभकप, नह, दसर बदर म करटर रड क समन और तसर गट व ऑफ इडय पर टट फट गय 4. मटट स मटट मल。
